-
499
छात्र -
488
छात्राएं -
31
कर्मचारीशैक्षिक: 30
गैर-शैक्षिक: 02
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय रायगढ़ ने 1997 में कक्षा I से XII के लिए एक अस्थायी भवन में काम करना शुरू कर दिया है। बाद में वर्ष 2007 में स्कूल को अपने नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए;
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
प्रिय विद्यार्थीगण, शिक्षकवृंद एवं अभिभावकगण,
केन्द्रीय विद्यालय संगठन के स्थापना दिवस–2025 पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन की असाधारण यात्रा, जिसकी शुरुआत 1963 में मात्र 20 रेजिमेंटल स्कूलों से हुई थी, आज 1289 केन्द्रीय विद्यालयों की विशाल श्रृंखला में विकसित हो चुकी है, जो उत्कृष्ट शिक्षा की ज्योति से राष्ट्र को आलोकित कर रही है।
श्रीमती सोमा घोष
उपायुक्त
मुझे अत्यंत हर्ष एवं गर्व है कि मैंने आज उपायुक्त का पदभार ग्रहण किया है। आप सभी के साथ कार्य करना मेरे लिए आनंददायक एवं सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर होगा। आप सभी अपने-अपने विद्यालयों एवं टीमों का नेतृत्व अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं के साथ कर रहे हैं, फिर भी चुनौतियाँ अनेक हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की है। अतः एक शैक्षिक नेता की प्रमुख जिम्मेदारी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता के प्रमुख आयाम विद्यालय में आधारभूत अधोसंरचना सुविधाएँ विद्यालय एवं कक्षा-कक्ष का वातावरण कक्षा-कक्ष की प्रक्रियाएँ एवं शिक्षण-अधिगम व्यवहार इन आयामों को ध्यान में रखते हुए, मैं अपेक्षा करता हूँ कि आप एक विद्यालय प्रमुख के रूप में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देंगे— विद्यालय में सजीव एवं प्रेरणादायी वातावरण का निर्माण। विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा विद्यालय से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना। यह जागरूकता विकसित करना कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि समग्र अधिगम का केंद्र है। विशेष ध्यान देने योग्य क्षेत्र 1. अधोसंरचना (Infrastructure) मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर शौचालय अग्नि सुरक्षा उपकरण दिव्यांगजन हेतु सुगम पहुँच (Barrier-Free Access) खेल मैदान एवं खेल सुविधाएँ 2. शैक्षणिक क्षेत्र (Academics) विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहन भाषा विकास कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन EQUIP एवं CMP का समुचित क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण एनसीईआरटी प्रकाशनों, आईसीटी-सक्षम कक्षाओं, कक्षा-कक्ष में ऑडियो सुविधाओं आदि संसाधनों की उपलब्धता शिक्षकों को एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित अधिगम संकेतकों (Learning Indicators) की जानकारी होना नवाचारों को प्रोत्साहित करना एवं नेतृत्व प्रदान करना पुस्तकालय का प्रभावी एवं सार्थक संचालन एईपी (AEP) एवं अन्य समान गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी परामर्श व्यवस्था 3. प्रशासन (Administration) पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण की गुणवत्ता में सुधार सूचना एवं आँकड़ों का प्रभावी प्रबंधन शिक्षक विकास कार्यक्रमों का संचालन पूर्व छात्रों (Alumni) की प्रभावी सहभागिता उपरोक्त सूची केवल संकेतात्मक है, संपूर्ण नहीं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके उत्साह, समर्पण एवं सहयोग से उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए हम सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करेंगे। सादर, उपायुक्त केन्द्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर
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डॉ. पी.के सारंगी
प्राचार्य
केन्द्रीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि यह किफायती शुल्क संरचना पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। स्कूली शिक्षा शिक्षा प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी तत्व है, आगे की शिक्षा की नींव है। शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य छात्रों को वैज्ञानिक सोच से लैस करना, करुणा और मानवतावाद के मूल्यों को विकसित करना और उन्हें जीवन का पर्याप्त रूप से सामना करने के लिए कौशल प्रदान करना है, ताकि उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नागरिक बनाया जा सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें एक टीम के रूप में लगातार प्रयास करना होगा और अपने बच्चों को नई ऊंचाइयां छूने में मदद करनी होगी।
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28/08/2024
केवीएस के दो प्रतिष्ठित शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024' के लिए चुना गया है: ♦️ डॉ. चारु शर्मा, प्रिंसिपल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केवी ♦️ श्री अशोक सेनगुप्ता, पीजीटी (सीएस), #पीएमएसएचआरआई केवी नंबर 1 जालाहल्ली, बेंगलुरु
नवप्रवर्तनश्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2024-25
सम्मिलित हुए 69 उत्तीर्ण हुए 69
सत्र 2023-24
सम्मिलित हुए 75 उत्तीर्ण हुए 75
सत्र 2022-23
सम्मिलित हुए 91 उत्तीर्ण हुए 91
सत्र 2025-26
सम्मिलित हुए 78 उत्तीर्ण हुए 77
सत्र 2024-25
सम्मिलित हुए 63 उत्तीर्ण हुए 63
सत्र 2023-24
सम्मिलित हुए 46 उत्तीर्ण हुए 45
सत्र 2022-23
सम्मिलित हुए 89 उत्तीर्ण हुए 59
सत्र 2025-26
सम्मिलित हुए 52 उत्तीर्ण हुए 52